लखनऊ एयरपोर्ट प्राइवेट, लखनऊ एयरपोर्ट मिला अदानी ग्रुप को अगले 50 सालों के लिए।

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लखनऊ एयरपोर्ट जिसको की चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट के नाम से जानते हैं, लखनऊ एयरपोर्ट को अदानी ग्रुप ने अगले 50 सालों के लिए लीज पर ले लिया है।

अदानी ग्रुप कौन है

अदानी ग्रुप एक multinational गुजरात की कंपनी है। जिस का कारोबार कई सारे सेक्टर में फैला हुआ है।

अदानी ग्रुप ने साल 2019 में नरेंद्र मोदी की सरकार के समय में देश के 5 बड़े एयरपोर्ट की बोली को जीत लिया थी जिसके बाद अदानी ग्रुप को अब धीरे-धीरे इन 5 एयरपोट को मैनेज करने का काम दिया जा रहा है।

इससे पहले अदानी ग्रुप ने Mangalore एयरपोर्ट की कमान अपने हाथ में ले ली थी और बीते कल लखनऊ एयरपोर्ट को भी अदानी ग्रुप के हवाले कर दिया गया है यहां पर अदानी ग्रुप ने Mangalore एयरपोर्ट और लखनऊ एयरपोर्ट के अलावा भी तीन एयरपोर्ट और लिए हुए हैं जिनको कि बहुत ही जल्दी अदानी ग्रुप के हवाले किया जाएगा।

इन तीन एयरपोर्ट में शामिल है गुवाहाटी एयरपोर्ट, अहमदाबाद एयरपोर्ट और त्रिवेंद्रम पुरम एयरपोर्ट यह सभी एयरपोर्ट्स भी अदानी ग्रुप के पास हैं और आने वाले समय में अदानी ग्रुप इन सभी एयरपोर्ट्स को भी अपने अंडर में लेने वाली है।

लखनऊ एयरपोर्ट प्राइवेट को होने वाले फायदे

इससे पहले लखनऊ एयरपोर्ट को मैनेज करने का काम एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के द्वारा किया जाता था जो कि एक सरकारी संस्था थी जिससे कि लखनऊ एयरपोर्ट के मैनेजमेंट में काफी कमी थी और कामकाज में भी काफी कमी थी

लेकिन अब जैसे कि प्राइवेट कंपनियां एयरपोर्ट सेक्टर में आ रही हैं तो यहां पर उम्मीद है कि लखनऊ एयरपोर्ट अब धीरे-धीरे तरक्की कर सकता है और आने वाले समय में लखनऊ एयरपोर्ट से ज्यादा मात्रा में उड़ाने ऑपरेट होनी शुरू हो सकती है जिससे कि वहां के लोगों को जो भी लखनऊ एयरपोर्ट से ट्रैवल करते हैं उनको काफी ज्यादा फायदा होने वाला है।

भारत सरकार यहां पर आने वाले समय में और भी कई दूसरे एयरपोर्ट्स को भी प्राइवेटाइज करने की बात कर रही है।

 

Hyderabad Airport, E-Boarding started with Indigo and Air India.

जेट एयरवेज को 150 करोड़ रुपए मिल गए। अब जेट एयरवेज अपनी उड़ान की तैयारी कर रहा है।

ऑस्ट्रेलिया बहुत ही जल्दी अपने इंटरनेशनल बॉर्डर खोलने की तैयारी कर रहा है, नवंबर महीने में उड़ाने शुरू हो सकती हैं।


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