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एयरलाइंस कंपनियां अपने टिकटों का प्राइस नए नियम में कैसे रखने वाली है।

Last updated on 12 August 2020

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फ्रेंड इस पोस्ट में हम आपको बताने वाले है फ्लाइट के किराए को लेकर आपको बताना चाहेंगे कि पहले एयरलाइंस कंपनियां अपने मनमाने ढंग से फ्लाइटओ का किराया वसूल करती थी लेकिन अब नए रूल के अनुसार यह एयरलाइन कंपनी ऐसा नहीं कर पाएंगी, नए रूल के अनुसार फ्लाइट का किराया ₹2000 से लेकर 18600 के बीच में रहने वाला है यानी कि आपके फ्लाइटों का किराया ₹2000 से कम नहीं होगा और ज्यादा से ज्यादा ₹18600 तक ही रहने वाला है अब बात करते हैं फ़्लाइटो का किराया किस हिसाब से निश्चित किया जाएगा तो आपको बताना चाहेंगे कि डीजीसीए ने यहां पर 7 कैटेगरी में दूरी के अनुसार फ्लाइट का किरये को बांटा है

जिसमें पहला सेक्टर 40 मिनट की दूरी का रहेगा जैसे कि मुंबई और पुणे के बीच की दूरी का फ्लाइट किराया 2000 से 6000 के बीच में रहेगा।

दूसरे सेक्टर में 40 मिनट से 60 मिनट की दूरी जैसे कि जम्मू से दिल्ली जिसमें फ्लाइट का किराया 2500 से 7500 के बीच में रहेगा

तीसरे सेक्टर में 60 से 90 मिनट की दूरी जैसे कि मुंबई से बेंगलुरु की दूरी जिस का फ्लाइट का किराया 3000 से 9000 के बीच में रहेगा

चौथे सेक्टर में रहेगा 90 से 120 मिनट की दूरी जैसे कि दिल्ली से मुंबई जिस का फ्लाइट का किराया 3500से 10000 के बीच में रहेगा

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पांचवी सेक्टर में जिसमें फ्लाइट का ड्यूरेशन 120 से 150 मिनट का रहेगा जैसे कि दिल्ली से बेंगलुरु श्रीनगर से अहमदाबाद जिसका फ्लाइट का किराया 4500 से 13000 के बीच में रहेगा

छठे रूट में 150 से 180 मिनट का डिस्टेंस आएगा जिसमें कोलकाता से गोवा का रूट रहेगा जिसके फ्लाइट का किराया 5500 कम से कम और 15700 सबसे ज्यादा रहेगा।

सातवें रूट में फ्लाइट का ड्यूरेशन 180 से 210 मिनट का रहने वाला है जैसे कि दिल्ली से कोयंबटूर जिस का फ्लाइट का किराया 6500 से 18600 के बीच में रहेगा यानी कि आप जितने मिट्स कि यात्रा करेंगे एयरलाइन कंपनियां आप से उस हिसाब से ही टिकट वसूल करेंगी।

जैसा हमने ऊपर बताया है इसी तरीके से फ्लाइटों के किराए को उनकी दूरी के अनुसार फिक्स कर दिया गया है इन सभी में जरूरी बात यह है जो आपको ध्यान देने वाली है कि एयरलाइंस कंपनियां को अपने फ्लाइट की टिकट मैक्सिमम रेट पर बेचने की परमिशन नहीं रहेगी ऐसा नहीं होगा कि यह एलाइंस कंपनियां अपने फ्लाइटों का सारा का सारा टिकट मैक्सिमम फेयर पर बेचे इसके लिए भी नियम बना दिया गया है कि उनको 40 परसेंट सीटें कम से कम minimum aur maximum fare के midpoint  पर बेचना compulsory रहेगा।

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