भारत सरकार की कोशिश ,नई फ्लाइटों को शुरू करने के लिए।

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भारत के बहुत सारे लोग विदेशों में फंसे हुए थे,भारत सरकार उनमें से कुछ लोगों को तो भारत में लेकर आ चुकी है,लेकिन अभी भी बहुत ज्यादा मात्रा में  लोग बाहर के देशों में फंसे हुए है, और वो सारे लोग बस यही इंतजार कर रहे है कि भारत सरकार उनके लिए जिस देश में को फंसे है, वहां से इंटरनेशनल फ्लाइट को चालू कर दे।
आज हम आपको इसे के बारे में बताने जा रहे है कि सरकार इंटरनेशनल फ्लाइट को चालू करने को लेकर क्या कर रही है।

तो फ्रंड भारत यहां पर अपने लगभग सभी पड़ोसी देशों के साथ बाय लेटरल एग्रीमेंट के तहत उड़ानों को शुरू करने वाला है इन पड़ोसी देशों में गल्फ कंट्री के लगभग सभी देशों के नाम शामिल है इसके अलावा  और भी पड़ोसी देश जैसे यहां पर मलेशिया ,सिंगापुर ,थाईलैंड ,बैंकॉक इत्यादि देशों के भी नाम इसमें शामिल हो सकते हैं क्योंकि भारत के ज्यादातर लोग इन देशों में ही फंसे हुए हैं जहां से वह लोग आना चाहते हैं।

भारत ने पहले से ही बड़े देश जैसे कि जर्मनी फ्रांस यूके और अमेरिका के साथ पहले से बाय लेटरल एग्रीमेंट साइन कर लिया है और कनाडा से भी बाय लेटरल एग्रीमेंट  को चालू करने को लेकर बातचीत कर रहा है जो कि आगे आने वाले कुछ समय में कर लिया जाएगा।

यहां पर भारत सरकार की सबसे बड़ी मुश्किल यह आ रही है कि इन देशों ने अभी तक अपने देश में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को शुरू करने को लेकर परमिशन नहीं दी है और यदि परमिशन दी भी है तो उसमें भारत का नाम शामिल नहीं किया है जिस कारण से ही यहां पर बाय लेटरल एग्रीमेंट को शुरू नहीं किया जा पा रहा है।

कुवैत ने अपने यहां पर अंतरराष्ट्रीय फ्लाइटों की परमिशन दे दी है जहां पर वह अंतरराष्ट्रीय पैसेंजर्स को आने की अनुमति दे रहा है लेकिन उस लिस्ट में उसने भारत का नाम शामिल नहीं किया है जिस कारण से कुवैत से बाय लेटर Agreement भारत सरकार sign नहीं कर पा रही है।

यदि कुवैत की सरकार यहां पर भारत का नाम इस लिस्ट में शामिल कर लेती है तो अवश्य ही कुवैत से भी बाय लेटरल एग्रीमेंट साइन हो जाएगा और फिर दोनों देशों से उड़ाने शुरू हो जाएंगी।

यहां पर हम समझ सकते हैं कि आप में से बहुत सारे लोग इस समय दूसरे देशों में जाना चाहते हैं या फिर दूसरे देशों से भारत आना चाहते हैं लेकिन यहां पर सबसे बड़ी प्रॉब्लम ये है कि दूसरे देश यहां पर भारत की उड़ानों को अनुमति नहीं दे रहे हैं जिस कारण से भारत यहां पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को शुरू नहीं कर पा रहा है।

यदि जैसे ही दूसरे देश यहां पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को परमिशन देना शुरू कर देंगे भारत भी अवश्य ही अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू कर देगा।
आप थोड़ा सा और इंतजार करे, जल्दी ही भारत बाय लेटरल एग्रीमेंट के तहत इंटरनेशनल उड़ानों को शुरु करने वाला है।


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