भारत में अंतरराष्ट्रीय उड़ाने 15 दिसंबर से दुनिया के सभी देशो से चालू हो रही है

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भारत में अंतरराष्ट्रीय उड़ाने कब चालू होंगी

भारत सरकार ने कोरोना के आने के बाद साल 2020 से ही भारत में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को बंद किया हुआ है। लेकिन अब जैसे-जैसे कोरोनावायरस के हालात भारत मे ठीक हो रहे हैं अब भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को खोलने का फैसला ले लिया है।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में पहली बार पाबंदी

भारत सरकार ने पहली बार अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के ऊपर पाबंदी 23 मार्च 2020 को लगाई थी और उसके बाद जुलाई महीने से भारत में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को एयर बबल्स के माध्यम से अनुमति मिली थी, इसमें दुनिया के 28 देशों के साथ भारत ने अपनी उड़ानों को चालू किया हुआ था और इसके अलावा भारत सरकार ने वंदे भारत मिशन के माध्यम से भी भारत में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को चालू किया था लेकिन अभी तक फुल कैपेसिटी पर भारत में अंतरराष्ट्रीय उड़ाने बंद थी।

भारत में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को चालू करने की अनुमति

सिविल एवियशन मंत्रालय ने मौजूदा हालात को देखते हुए अब फिर दोबारा से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को दुनिया के दूसरे देशों से नॉर्मल बेसिस को चालू करने का फैसला ले लिया है, लेकिन इसमें कुछ लिमिट भी लगाई गई है।

इसके लिए भारत सरकार ने दुनिया के सभी देशों को तीन कैटेगरी में बाटा है, पहले कैटेगरी में ऐसे देश हैं जिन देशों को भारत ने “not at risk” घोषित किया हुआ है। ऐसे देशों से भारत में फुल कैपेसिटी पर अपनी उड़ानों को चालू करने का फैसला लिया हुआ है।

दूसरी कैटेगरी में ऐसे देश हैं जिन देशों को भारत ने “at risk” घोषित किया हुआ है लेकिन उनके साथ एयर बबल्स एग्रीमेंट है ऐसे सभी देशों के साथ भारत सरकार 75% की कैपेसिटी पर अपनी उड़ानों को चालू करने की अनुमति दे रही है।

तीसरी कैटेगरी में ऐसे देश हैं जिन देशों को भारत में “at risk” घोषित किया हुआ है और उनके साथ एयर बबल्स एग्रीमेंट भी नहीं है इन सभी देशों के साथ भारत केवल 50 परसेंट की कैपेसिटी पर ही अपनी उड़ानों को चालू करने की अनुमति दे रहा है।

International flights update from hindustan times

इसकी सूचना DGCA ने अपने टि्वटर हैंडल अकाउंट से ट्वीट करके दी थी जिसमें उन्होंने बताया है कि भारत में अंतरराष्ट्रीय उड़ाने 15 दिसंबर से चालू की जा रही है।

26 नवंबर के नोटिफिकेशन के आधार पर भारत सरकार ने यूनाइटेड किंगडम, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, बांग्लादेश, बोत्सवाना, चीन, मॉरीशस, न्यूजीलैंड, जिम्बाब्वे, सिंगापुर, हांगकांग और इज़राइल सहित यूरोप के देशो को “at risk” देशों की सूची में हैं।

https://www.mohfw.gov.in/pdf/ListofCountriestobereferredtoincontextofGuidelinesforinternationalarrivalsdated20thOctober2021.pdf


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